...

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हसी ओढ़ लेता हूं ज़ख्मों पर अपने
सिर्फ़ तन्हाई है साथ मेरे
ख़ुश रहेंगे शायद वो बाद मेरे
कोई समझता नहीं कभी जज़्बात मेरे
बहुत बुरे चल रहे हैं हालात मेरे
जब भी लगता है सब ठीक होने लगा है
दिल पर मरहम असर कर रहा है
तभी कुछ ऐसा हो जाता है की
टुकड़े दिल के और भी बिखर जाते हैं
और भी चूर चूर हो जाते हैं
मैंने जिनको भी ख़ास माना
वो गहरे से गहरा ज़ख़्म दे गए
मैंने जिनको भी अपना माना
वो मुझे पराए का मतलब समझा गए
फ़िर भी ज़िन्दगी के सफ़र में चल रहा हूं मैं
मौत से तो कब का मिल लिया हूं मैं
इतना शिद्दत से चाहा अपनों को
आख़िर में इश्क़ से ही डर रहा हूं मैं
आख़िर में इश्क़ से ही डर रहा हूं मैं।

#writco #hurt #pain #nobodycares
© rõõh