अनहोनी(टाइपराइटर - 2)
"वैसे अगर आप को कोई एतराज़ न हो तो एक बात कहना चाहूंगा मैडम", चार्ल्स ने मिसेस वुड्स की ओर देखते हुए कहा।
"बात सुनने से पहले मैं कैसे एतराज़ जाता सकती हूँ, बेझिझक बोलिए", मिसेज वुड्स ने चार्ल्स की ओर देखते हुए कहा।
"आपका बगीचा काफ़ी सुंदर है, उसे देखते ही किसी जन्नत का अनुभव होता है, बेशुमार काले गुलाबों के बीच लुभावने अंदाज़ में जो एंजेल्स की सफेद मूर्तियां हैं उनसे नज़रें हटाने का दिल नहीं करता है, ये भी आपके स्वर्गीय पति मिस्टर जेम्स वुड ने ही बनवाया था क्या", चार्ल्स ने बगीचे की तारीफ करते हुए मिसेज वुड्स से उस बगीचे को बनवाने वाले के बारे में भी पूछ लिया।
" नहीं ये बगीचा मैंने बनवाया है, मुझे काले रंग से बेहद लगाव रहा है इसलिए बगीचे में हर किस्म के काले गुलाब हैं जिन्हें कई देशों से मंगवाया गया है , काले गुलाब से भी मेरे अतीत की कुछ यादें जुड़ी हैं, वो लम्हे जो मैंने और मिस्टर वुड्स ने खुशी से साथ बिताए थे, बस यही वजह है कि गार्डन में हर जगह काले गुलाब ही हैं और सफ़ेद संगमरमर की मूर्तियां भी मॉडल को पैसे देकर बनवाई गई हैं ", मिसेज वुड्स ने चार्ल्स को सारी बातें अच्छी तरह से समझाते हुए कहा।
" ओह! तो इसमें काफी पैसा खर्च हुआ होगा मैडम और अभी तो इसमें काम बाकी है ", चार्ल्स ने मिसेज वुड्स की ओर देखते हुए कहा।
अब मिसेज वुड्स के भाव थोड़े गंभीर हो गए थे, ऐसा लग रहा था कि मानो काले चश्मे के पीछे से मिसेज वुड्स की आँखे चार्ल्स को बड़े ध्यान से देख रही थी, " हाँ अभी काम बाकी है गार्डन का भी और मेरी नॉवेल का भी, अब कोई नया टाइपिस्ट ढूंढना पड़ेगा", मिसेज वुड्स ने चार्ल्स की ओर देखते हुए कहा।
"अब हम चलना चाहेंगे मैडम", हॉवर्ड ने दोनों के बीच हो रही बातचीत को काटते हुए कहा।
"आह! इतनी जल्दी भी क्या है, अगर आप दोनों युवकों को कोई परेशानी न हो तो क्या आप मेरी टाइपिस्ट की लाश को इस कॉफिन में रखने में मदद करेंगे, प्लीज़, मैं मदद के लिए चौकीदार को भी बुला लेती हूँ, " मिसेज वुड्स ने दोनों की ओर देखते हुए अनुरोध किया।
"अरे नहीं मैडम हमारा काम हो गया, हम चलते हैं ", हॉवर्ड ने मिसेज वुड्स को साफ़ इन्कार कर दिया, वह शायद लाश को हाँथ नहीं लगाना चाहता था।
" अरे नहीं ऐसी कोई बात नहीं है हम आपकी मदद करने को तैयार हैं," चार्ल्स ने मिसेज वुड्स से कहा और अपने दाएँ हाथ से हॉवर्ड का हाथ मान जाने के लिए दबा दिया।
" ओह... मुझे बड़ी खुशी हुई ये जानकर कि आप दोनों मदद के लिए तैयार हो गए हैं, क्या आप में से एक बाहर के चौकीदार को बुला लाएगा, प्लीज़, आज यहाँ वुड्स विला में ज़्यादा तर नौकर काम पर नहीं आये हैं और जो थे उन्हें मैंने चर्च और जानने वालों के यहाँ ख़बर करने के लिए भेज दिया है ", मिसेज वुड्स ने अपनी मजबूरी व्यक्त की, जिसे सुनकर दोनों को उनकी मजबूरी का अंदाज़ा हुआ, शायद यही वजह थी कि इनकार कर देने वाले हॉवर्ड ने ही मदद के लिए बाहर जाकर चौकीदार को बुलाना उचित समझा और वह विला में चार्ल्स को मिसेज वुड्स के साथ अकेला छोड़कर चला गया।
"इस समय आपके साथ इस विला में और कौन कौन रहता है नौकरों को छोड़कर, मैडम", चार्ल्स ने मिसेज वुड्स से बेझिझक पूछा।
"मैं और मेरी टाइपिस्ट ही रहते थे यहाँ, चूँकि नॉवेल लिखने का मामला है इसलिए ज़्यादा भीड़ भाड़ मुझे पसंद नहीं, कहानी किसी ने चूरा ली तो फिर क्या होगा, आज कल रईस लोग अपनी कहानियों को कॉपी राइट कर लेते हैं, मैंने इसलिए सभी को आने जाने से मना कर रखा था नौकरों को छोड़कर ", मिसेज वुड्स ने दुबारा गंभीर हो कर कहा, चार्ल्स को ऐसा प्रतीत हुआ कि वह उसे काले चश्मे के पीछे से बुरी तरह घूर रहीं थीं।
" तो किस किस्म का नॉवेल लिख रहीं हैं आप, मैडम", चार्ल्स ने एक बार फिर सबकुछ नज़र अंदाज़ करते हुए मिसेज वुड्स से पूछा।
" आह! मेरी कहानी एक अंधेरी दुनिया की सच्ची घटना पर आधारित है," मिसेज वुड्स ने राहत की ठण्डी साँस भरते हुए जवाब दिया। फिर उन्होंने पास ही रखी एक टेबल पर सिगरेट का केस उठाया जो लकड़ी का बना हुआ था और उसके बगल में ही एक लाइटर भी रखा हुआ था।
उधर हॉवर्ड जो चौकीदार को मदद के लिए बुलाने निकला था अब उसे गार्डन को पूरा पार कर के जाना था जिसके मध्य में कंक्रीट की सड़क बनी थी, हॉवर्ड ने सोचा इतनी सी दूरी के लिए वैन को क्यूँ तकलीफ दी जाए इसलिए उसने पैदल चलने का निर्णय किया, उसे लगा कि इसी बहाने एक बार फिर अच्छे से इस भव्य सुंदर बगीचे के दर्शन हो जाएंगे। हॉवर्ड धीरे धीरे आगे बढ़ता है विला से गार्ड्स चेक पोस्ट की दूरी ज़्यादा थी, ऊपर से इंग्लैंड का रंग बदलता मौसम, हॉवर्ड अभी कुछ दूर चला ही था कि इतने में काले बादलों ने सुरज के प्रकाश को ढक लिया और आसमान में तेज़ बिजली कड़की, बिजली कड़कने की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि अच्छे अच्छों का दिल दहल जाए, लेकिन फिर भी हॉवर्ड ने हिम्मत नहीं हारी उसने चलते चलते गार्ड को आवाज़ देना शुरू कर दिया, चार्ल्स को एक बात की राहत मिली कि बरसात ने अपना कहर बरसाना शुरू नहीं किया था पर फिर भी आंधी जैसी तेज़ हवाएँ बह रही थीं जिनकी वजह से हॉवर्ड को ठीक से देखने परेशानी हो रही थी। पर फिर भी हॉवर्ड आगे बढ़ता रहा तेज़ हवाएं बहने के कारण बेशुमार काले गुलाबों की तेज़ मीठी सुगंध ने पूरे वातावरण को अपनी खुशबु से महका रखा था, हॉवर्ड ने उन गुलाबों से भरे बगीचे के ऊपर एक नज़र डाली, आँधी का भी उन गुलाबों पर कोई असर नहीं हो रहा था, वह केवल हवा से इधर-उधर झूल रहे थे, इतने में अचानक "हॉवर्ड... हॉवर्ड... ओह मेरे प्यारे हॉवर्ड", हॉवर्ड को एक अनजान महिला की आवाज़ पीछे से पुकारती है। पहले तो हॉवर्ड उस अवाज़ को ज़ोर की हवा बहने के कारण सुन नहीं पाता है और आगे बढ़ता ही रहता है , पर फिर भी आवाज़ का आना बंद नहीं होता है "हॉवर्ड... हॉवर्ड... ही ही ही... हॉवर्ड इधर देखो प्यारे हॉवर्ड... ही ही ही ही ही... ही ही ही ही ही", एक बार फिर से उस मधुर मदमस्त कर देने वाली आवाज़ ने अपनी हंसी के साथ हॉवर्ड को पुकारा। अब हॉवर्ड ने अपने कदम रोक लिए और एक बार फिर से उस आवाज़ के पुकारने का इंतजार करने लगा।
हॉवर्ड को अब भी अपने कानों पर यकीन नहीं हो रहा था, उसने जो सुना वह विश्वास करने योग्य बिलकुल भी नहीं था। हॉवर्ड अब डरा हुआ था और डर ने ही उसे प्रतिक्रिया दिखाने से मना कर दिया था।
"आपकी टाइपिस्ट का नाम क्या था, मैडम", चार्ल्स ने मिसेज वुड्स से पूछा।
"ओ, उसका नाम कैथरीन था, मैं उसे मिस ब्राउन कह कर बुलाती थी, वह एक बहुत प्यारी और ज़िंदा दिल लड़की थी, हर सन्डे चर्च जाया करती थी, सभी से प्रेम भाव से मिलती थी, पता नहीं ऊपर वाला अच्छे लोगों को इतनी जल्दी अपने पास क्यूँ बुला लेता है", मिसेस वुड्स ने चार्ल्स की ओर देखते हुए कहा और साथ ही सिगरेट केस से एक सिगरेट निकाल कर जला ली और राहत का धुआं अपने अंदर खींच कर बाहर छोड़ा। फिर सामने पड़े एक सिंगल सोफ़ा पर बैठ गईं।
" आप भी बैठ क्यूँ नहीं जाते हो , काफ़ी देर से खड़े हो थक जाओगे, तुम्हारे दोस्त को भी आने में अभी वक़्त लगेगा", मिसेस वुड्स ने चार्ल्स की तरफ़ देखते हुए तथा अपने दूसरे हाँथ से खाली सोफ़ा की ओर इशारा करते हुए कहा। चार्ल्स उनकी बात मान गया और एक खाली सोफ़े पर बैठ गया।
" लगता है बाहर काफ़ी तेज़ हवाएं चल रही हैं ", चार्ल्स ने बातचीत आगे जारी रखते हुए कहा।
" हाँ, शायद इस वजह से आपके दोस्त को चौकीदार बुलाने में ज़्यादा वक़्त लगे, मिसेस वुड्स ने चार्ल्स की बात पर हामी भरते हुए कहा।
" मैडम, आपके गार्डन में फ़ीमेल एंजेल्स और मेल एंजेल्स की मूर्तियां अलग अलग क्यूँ बनी हैं, जबकि म्यूज़ियम और कई लंदन की कई बड़ी जगह पर यही मूर्तियां आलिंगन करते हुए बनवाई गई हैं", चार्ल्स ने मिसेस वुड्स से उनके बगीचे के बारे में एक और प्रश्न पूछ डाला।
मिसेज वुड्स चार्ल्स को फिर से एक बार ध्यान से देखने लगीं और थोड़ी देर की खामोशी के बाद बोलीं" दरअसल मेरे बगीचे के एंजेल्स कभी आपस में मिल नहीं पाए इसलिए अलग अलग बनवाए गए हैं ", मिसेस वुड्स का बेरूखी भरा जवाब सुनकर पहले तो चार्ल्स थोड़ा घबरा सा गया फिर ख़ुद को संभालते हुए बोला "मैं कुछ समझा नहीं", उसने सबकुछ जानते हुए भी अनजान बनने का नाटक किया।
"मेरा मतलब यह है कि इन मूर्तियों को अलग अलग ही बनवाया गया है, मैं नहीं चाहती थी कि कोई ये समझे...
"बात सुनने से पहले मैं कैसे एतराज़ जाता सकती हूँ, बेझिझक बोलिए", मिसेज वुड्स ने चार्ल्स की ओर देखते हुए कहा।
"आपका बगीचा काफ़ी सुंदर है, उसे देखते ही किसी जन्नत का अनुभव होता है, बेशुमार काले गुलाबों के बीच लुभावने अंदाज़ में जो एंजेल्स की सफेद मूर्तियां हैं उनसे नज़रें हटाने का दिल नहीं करता है, ये भी आपके स्वर्गीय पति मिस्टर जेम्स वुड ने ही बनवाया था क्या", चार्ल्स ने बगीचे की तारीफ करते हुए मिसेज वुड्स से उस बगीचे को बनवाने वाले के बारे में भी पूछ लिया।
" नहीं ये बगीचा मैंने बनवाया है, मुझे काले रंग से बेहद लगाव रहा है इसलिए बगीचे में हर किस्म के काले गुलाब हैं जिन्हें कई देशों से मंगवाया गया है , काले गुलाब से भी मेरे अतीत की कुछ यादें जुड़ी हैं, वो लम्हे जो मैंने और मिस्टर वुड्स ने खुशी से साथ बिताए थे, बस यही वजह है कि गार्डन में हर जगह काले गुलाब ही हैं और सफ़ेद संगमरमर की मूर्तियां भी मॉडल को पैसे देकर बनवाई गई हैं ", मिसेज वुड्स ने चार्ल्स को सारी बातें अच्छी तरह से समझाते हुए कहा।
" ओह! तो इसमें काफी पैसा खर्च हुआ होगा मैडम और अभी तो इसमें काम बाकी है ", चार्ल्स ने मिसेज वुड्स की ओर देखते हुए कहा।
अब मिसेज वुड्स के भाव थोड़े गंभीर हो गए थे, ऐसा लग रहा था कि मानो काले चश्मे के पीछे से मिसेज वुड्स की आँखे चार्ल्स को बड़े ध्यान से देख रही थी, " हाँ अभी काम बाकी है गार्डन का भी और मेरी नॉवेल का भी, अब कोई नया टाइपिस्ट ढूंढना पड़ेगा", मिसेज वुड्स ने चार्ल्स की ओर देखते हुए कहा।
"अब हम चलना चाहेंगे मैडम", हॉवर्ड ने दोनों के बीच हो रही बातचीत को काटते हुए कहा।
"आह! इतनी जल्दी भी क्या है, अगर आप दोनों युवकों को कोई परेशानी न हो तो क्या आप मेरी टाइपिस्ट की लाश को इस कॉफिन में रखने में मदद करेंगे, प्लीज़, मैं मदद के लिए चौकीदार को भी बुला लेती हूँ, " मिसेज वुड्स ने दोनों की ओर देखते हुए अनुरोध किया।
"अरे नहीं मैडम हमारा काम हो गया, हम चलते हैं ", हॉवर्ड ने मिसेज वुड्स को साफ़ इन्कार कर दिया, वह शायद लाश को हाँथ नहीं लगाना चाहता था।
" अरे नहीं ऐसी कोई बात नहीं है हम आपकी मदद करने को तैयार हैं," चार्ल्स ने मिसेज वुड्स से कहा और अपने दाएँ हाथ से हॉवर्ड का हाथ मान जाने के लिए दबा दिया।
" ओह... मुझे बड़ी खुशी हुई ये जानकर कि आप दोनों मदद के लिए तैयार हो गए हैं, क्या आप में से एक बाहर के चौकीदार को बुला लाएगा, प्लीज़, आज यहाँ वुड्स विला में ज़्यादा तर नौकर काम पर नहीं आये हैं और जो थे उन्हें मैंने चर्च और जानने वालों के यहाँ ख़बर करने के लिए भेज दिया है ", मिसेज वुड्स ने अपनी मजबूरी व्यक्त की, जिसे सुनकर दोनों को उनकी मजबूरी का अंदाज़ा हुआ, शायद यही वजह थी कि इनकार कर देने वाले हॉवर्ड ने ही मदद के लिए बाहर जाकर चौकीदार को बुलाना उचित समझा और वह विला में चार्ल्स को मिसेज वुड्स के साथ अकेला छोड़कर चला गया।
"इस समय आपके साथ इस विला में और कौन कौन रहता है नौकरों को छोड़कर, मैडम", चार्ल्स ने मिसेज वुड्स से बेझिझक पूछा।
"मैं और मेरी टाइपिस्ट ही रहते थे यहाँ, चूँकि नॉवेल लिखने का मामला है इसलिए ज़्यादा भीड़ भाड़ मुझे पसंद नहीं, कहानी किसी ने चूरा ली तो फिर क्या होगा, आज कल रईस लोग अपनी कहानियों को कॉपी राइट कर लेते हैं, मैंने इसलिए सभी को आने जाने से मना कर रखा था नौकरों को छोड़कर ", मिसेज वुड्स ने दुबारा गंभीर हो कर कहा, चार्ल्स को ऐसा प्रतीत हुआ कि वह उसे काले चश्मे के पीछे से बुरी तरह घूर रहीं थीं।
" तो किस किस्म का नॉवेल लिख रहीं हैं आप, मैडम", चार्ल्स ने एक बार फिर सबकुछ नज़र अंदाज़ करते हुए मिसेज वुड्स से पूछा।
" आह! मेरी कहानी एक अंधेरी दुनिया की सच्ची घटना पर आधारित है," मिसेज वुड्स ने राहत की ठण्डी साँस भरते हुए जवाब दिया। फिर उन्होंने पास ही रखी एक टेबल पर सिगरेट का केस उठाया जो लकड़ी का बना हुआ था और उसके बगल में ही एक लाइटर भी रखा हुआ था।
उधर हॉवर्ड जो चौकीदार को मदद के लिए बुलाने निकला था अब उसे गार्डन को पूरा पार कर के जाना था जिसके मध्य में कंक्रीट की सड़क बनी थी, हॉवर्ड ने सोचा इतनी सी दूरी के लिए वैन को क्यूँ तकलीफ दी जाए इसलिए उसने पैदल चलने का निर्णय किया, उसे लगा कि इसी बहाने एक बार फिर अच्छे से इस भव्य सुंदर बगीचे के दर्शन हो जाएंगे। हॉवर्ड धीरे धीरे आगे बढ़ता है विला से गार्ड्स चेक पोस्ट की दूरी ज़्यादा थी, ऊपर से इंग्लैंड का रंग बदलता मौसम, हॉवर्ड अभी कुछ दूर चला ही था कि इतने में काले बादलों ने सुरज के प्रकाश को ढक लिया और आसमान में तेज़ बिजली कड़की, बिजली कड़कने की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि अच्छे अच्छों का दिल दहल जाए, लेकिन फिर भी हॉवर्ड ने हिम्मत नहीं हारी उसने चलते चलते गार्ड को आवाज़ देना शुरू कर दिया, चार्ल्स को एक बात की राहत मिली कि बरसात ने अपना कहर बरसाना शुरू नहीं किया था पर फिर भी आंधी जैसी तेज़ हवाएँ बह रही थीं जिनकी वजह से हॉवर्ड को ठीक से देखने परेशानी हो रही थी। पर फिर भी हॉवर्ड आगे बढ़ता रहा तेज़ हवाएं बहने के कारण बेशुमार काले गुलाबों की तेज़ मीठी सुगंध ने पूरे वातावरण को अपनी खुशबु से महका रखा था, हॉवर्ड ने उन गुलाबों से भरे बगीचे के ऊपर एक नज़र डाली, आँधी का भी उन गुलाबों पर कोई असर नहीं हो रहा था, वह केवल हवा से इधर-उधर झूल रहे थे, इतने में अचानक "हॉवर्ड... हॉवर्ड... ओह मेरे प्यारे हॉवर्ड", हॉवर्ड को एक अनजान महिला की आवाज़ पीछे से पुकारती है। पहले तो हॉवर्ड उस अवाज़ को ज़ोर की हवा बहने के कारण सुन नहीं पाता है और आगे बढ़ता ही रहता है , पर फिर भी आवाज़ का आना बंद नहीं होता है "हॉवर्ड... हॉवर्ड... ही ही ही... हॉवर्ड इधर देखो प्यारे हॉवर्ड... ही ही ही ही ही... ही ही ही ही ही", एक बार फिर से उस मधुर मदमस्त कर देने वाली आवाज़ ने अपनी हंसी के साथ हॉवर्ड को पुकारा। अब हॉवर्ड ने अपने कदम रोक लिए और एक बार फिर से उस आवाज़ के पुकारने का इंतजार करने लगा।
हॉवर्ड को अब भी अपने कानों पर यकीन नहीं हो रहा था, उसने जो सुना वह विश्वास करने योग्य बिलकुल भी नहीं था। हॉवर्ड अब डरा हुआ था और डर ने ही उसे प्रतिक्रिया दिखाने से मना कर दिया था।
"आपकी टाइपिस्ट का नाम क्या था, मैडम", चार्ल्स ने मिसेज वुड्स से पूछा।
"ओ, उसका नाम कैथरीन था, मैं उसे मिस ब्राउन कह कर बुलाती थी, वह एक बहुत प्यारी और ज़िंदा दिल लड़की थी, हर सन्डे चर्च जाया करती थी, सभी से प्रेम भाव से मिलती थी, पता नहीं ऊपर वाला अच्छे लोगों को इतनी जल्दी अपने पास क्यूँ बुला लेता है", मिसेस वुड्स ने चार्ल्स की ओर देखते हुए कहा और साथ ही सिगरेट केस से एक सिगरेट निकाल कर जला ली और राहत का धुआं अपने अंदर खींच कर बाहर छोड़ा। फिर सामने पड़े एक सिंगल सोफ़ा पर बैठ गईं।
" आप भी बैठ क्यूँ नहीं जाते हो , काफ़ी देर से खड़े हो थक जाओगे, तुम्हारे दोस्त को भी आने में अभी वक़्त लगेगा", मिसेस वुड्स ने चार्ल्स की तरफ़ देखते हुए तथा अपने दूसरे हाँथ से खाली सोफ़ा की ओर इशारा करते हुए कहा। चार्ल्स उनकी बात मान गया और एक खाली सोफ़े पर बैठ गया।
" लगता है बाहर काफ़ी तेज़ हवाएं चल रही हैं ", चार्ल्स ने बातचीत आगे जारी रखते हुए कहा।
" हाँ, शायद इस वजह से आपके दोस्त को चौकीदार बुलाने में ज़्यादा वक़्त लगे, मिसेस वुड्स ने चार्ल्स की बात पर हामी भरते हुए कहा।
" मैडम, आपके गार्डन में फ़ीमेल एंजेल्स और मेल एंजेल्स की मूर्तियां अलग अलग क्यूँ बनी हैं, जबकि म्यूज़ियम और कई लंदन की कई बड़ी जगह पर यही मूर्तियां आलिंगन करते हुए बनवाई गई हैं", चार्ल्स ने मिसेस वुड्स से उनके बगीचे के बारे में एक और प्रश्न पूछ डाला।
मिसेज वुड्स चार्ल्स को फिर से एक बार ध्यान से देखने लगीं और थोड़ी देर की खामोशी के बाद बोलीं" दरअसल मेरे बगीचे के एंजेल्स कभी आपस में मिल नहीं पाए इसलिए अलग अलग बनवाए गए हैं ", मिसेस वुड्स का बेरूखी भरा जवाब सुनकर पहले तो चार्ल्स थोड़ा घबरा सा गया फिर ख़ुद को संभालते हुए बोला "मैं कुछ समझा नहीं", उसने सबकुछ जानते हुए भी अनजान बनने का नाटक किया।
"मेरा मतलब यह है कि इन मूर्तियों को अलग अलग ही बनवाया गया है, मैं नहीं चाहती थी कि कोई ये समझे...