कोई बात नहीं!
आज शाम को बैठ के आप किसी की बुराइयाँ कर रहे हो, बेवजह या किसी वजह से आलोचना कर रहे हो।
मज़ा आया होगा?
अलगी सुबह आप उठे और पता चला कि वो इंसान अब नहीं रहा।
कैसा मेहसूस होगा आपको?
अलोचना करना, बुराई...
मज़ा आया होगा?
अलगी सुबह आप उठे और पता चला कि वो इंसान अब नहीं रहा।
कैसा मेहसूस होगा आपको?
अलोचना करना, बुराई...