पुल पर (Micro-Tale/सूक्ष्म कहानी)
रात होते ही वो पुल और उसके आसपास का इलाका एकदम सुनसान हो जाता था।
कहते हैं वहाँ रात का समय 'उसके' इन्तज़ार का होता है।
इसलिये कोई उधर नहीं जाता है,
क्योंकि कोई 'उसके' इंतज़ार में खलल नहीं डालना चाहता था।
आज तो अमावस की रात थी।
और उसे घर पहुँचने की जल्दी थी।...
कहते हैं वहाँ रात का समय 'उसके' इन्तज़ार का होता है।
इसलिये कोई उधर नहीं जाता है,
क्योंकि कोई 'उसके' इंतज़ार में खलल नहीं डालना चाहता था।
आज तो अमावस की रात थी।
और उसे घर पहुँचने की जल्दी थी।...