होठों की मोहर
होठों की मोहर आज मेरे तन पर अंकित कर दो
छू लो आत्मा को, अपना सर्वस्व समर्पित कर दो
ना किसी और का मेरे तन मन पर अधिकार हो
चूमकर दिल नाम लिख दो, जीवन अर्पित कर दो
कैद कर लो तेरी...
छू लो आत्मा को, अपना सर्वस्व समर्पित कर दो
ना किसी और का मेरे तन मन पर अधिकार हो
चूमकर दिल नाम लिख दो, जीवन अर्पित कर दो
कैद कर लो तेरी...