मैं राही अकेला हूँ
रंग यूँ बदलें ज़िंदगी ने,
बेरंग हुए चेहरें सबके,
ग़म दिये अपनों ने इतने,
ग़ैरों पर यकीन...
बेरंग हुए चेहरें सबके,
ग़म दिये अपनों ने इतने,
ग़ैरों पर यकीन...