तेरी याद साथ है
मेरे ख़्वाबों का आसमान
तेरे दिल की ज़मी से मिलने को तरसता है
मेरी सूनी आँखें
आज भी तेरा रस्ता देखती हैं
मेरी झूठी मुस्कुराहट
अब जैसे एक आदत सी बन चुकी है
तेरे बिना यहां
कुछ भी...
तेरे दिल की ज़मी से मिलने को तरसता है
मेरी सूनी आँखें
आज भी तेरा रस्ता देखती हैं
मेरी झूठी मुस्कुराहट
अब जैसे एक आदत सी बन चुकी है
तेरे बिना यहां
कुछ भी...