...

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चांद से बातें
हे चांद तूने मुझे सदा है लुभाया।
तुझमें हमने एक साथी है पाया।।

उमर के हर पड़ाव में तूने एक अलग किरदार निभाया।
हर किरदार तेरे में... हमने सुकून है पाया।।

बचपन में नानी की कहानियां सुनता था तू संग मेरे।
अपने काल्पनिक विचार सांझे करती थी में संग तेरे।।
लगता था तू जैसे मेरा परम मित्र।
बनाती थी हरदम में तेरा चित्र।।

बड़े हुए तो जब भी कभी अकेलेपन ने सताया।
तनहा रात के उस अंधेरे में तुझे अपना साथी पाया।।
तब लगता था तू मुझे कोई मेरा दीवाना।
अच्छा लगता था तुझे अपनी सारी बातें बताना।।

अब तो तेरा मेरा रिश्ता जैसे लगता है बहुत सच्चा।
बादलों से जब तू झांकता है,...