कुछ नही बचा पाए हम😔
आब-ए-तल्ख़ हम छिपा नही पाए,
कुछ अहम रिश्ते हम बचा नही पाए।
आरजुवों को गला घोटते हुआ देखा,
जो भी चाहा कभी हम...
कुछ अहम रिश्ते हम बचा नही पाए।
आरजुवों को गला घोटते हुआ देखा,
जो भी चाहा कभी हम...