अगर तुम ना मिलते...
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
टूट कर बिखर गए होते ,
अगर तुम ना मिलते।
रहती ये आंखें पथराई सी,
बनकर कमल अगर तुम ना खिलते
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
बेजुबां होते ये लब्ज़ मेरे,
बगैर तेरी बातों के ये कंठ ना खुलते।
यूँही बेजान पड़े होते कहीं वीरानों में,
तेरी खुशबू लिये ये हवाएँ अगर सांसों में ना घुलते ।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
बेहद फ़ीकी सी होती ये जिंदगी...
टूट कर बिखर गए होते ,
अगर तुम ना मिलते।
रहती ये आंखें पथराई सी,
बनकर कमल अगर तुम ना खिलते
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बेजुबां होते ये लब्ज़ मेरे,
बगैर तेरी बातों के ये कंठ ना खुलते।
यूँही बेजान पड़े होते कहीं वीरानों में,
तेरी खुशबू लिये ये हवाएँ अगर सांसों में ना घुलते ।
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बेहद फ़ीकी सी होती ये जिंदगी...