Ae Jindagi
ऐ जिन्दगी बता !
तुझे जीने का हुनर मैं कहाँ से लाऊँ,,
हर दर्द में तू हमदर्द है,,
हर राह में तू हमराह है,,
फिर भी तू मुश्किल बडी़ मेरी जान है,,
तुझसा कोई हमनशी नही,,
तुझसा...
तुझे जीने का हुनर मैं कहाँ से लाऊँ,,
हर दर्द में तू हमदर्द है,,
हर राह में तू हमराह है,,
फिर भी तू मुश्किल बडी़ मेरी जान है,,
तुझसा कोई हमनशी नही,,
तुझसा...