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good afternoon frnd..... मिलेगा हमें वही जितना नसीब में लिखा है
ना हो खुद से इश्क तो
तू इश्क करके देख
है आफत की पुड़िया
तू किसी दिलरुबा से इश्क करके तो देख
झेल सकता है ना सहने वाली पीड़ा तो
तू काबिल है इश्क के
वरना इश्क की गलियों में कभी
झांक कर मत देख
गलियां है इश्क वाली पर
अब सुनसान पड़ा है
आशिकी में हर आशिक लगभग
औधे मुंह गिरा है
किसी ना किसी के वियोग में
हर कोई ना कोई रो रहा है
हाय रे इस दिल वाली दुनियां में
ना जानें क्या क्या हो रहा है
त्रिया चरित्र भी एक अनबुझ पहेली है
तू जिसे अपना समझ रहा है
वो किसी और का हो ली है
चेहरों के आईनों में देखा जरा गौर से
ये बदरंग चेहरा किसी और का नही
बल्कि ये तो वही तेरी परी है
इसलिए संभल जा और समझा ले अपने दिल को
कि दर्दे दिल को बढ़ाने से क्या होगा
किसी के प्यार में मरने से क्या होगा
होगा वही जो नसीब में लिखा होगा
कितना भी बच बच के चल ले
गिरेगा फिर भी क्यों कि
गिरना तेरे नसीब में लिखा होगा
भटक ले चाहें जितना भी तू किसी के लिए
जितना जी चाहें.....
पर होगा वही जो तेरे नसीब में लिखा होगा

@kanchan Tripathi