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प्यार करता बेहद लाचार.…💔
#भाग: 01

एक लड़की जो खुद के खामियों को बहुत कोसती थी क्योंकि सभी उसकी खामियों की वजह से उसे बहुत कुछ ऐसा कहते थे
जिसे सुन वो बर्दास्त नहीं कर पाती थी ।
यही वजह है की वो अपनों से बहुत दूर होती चली गई ।
सबसे ज्यादा उसे नाकाबिल समझने और एहसास दिलाने वाले उसके अपने ही थे ।
इस सब में वो खुद को एकदम खो चुकी थी ।
इतना खालीपन उसमे आ गया था की वो अक्सर
देर रात तक अंधेरों में या जब भी अकेली होती एक ऐसी दुनियां अपने दिमाग में बना लेती जो उसके हिसाब की थी
और उसी ज़िंदगी को वो जीने लगी जहां सब कुछ उसके पसंद का था ।
असल में जो उसे हासिल नहीं होता वो प्यार,अपनापन,लगाव,इज़्ज़त,फिक्र और सबकुछ अपनी मनग्रंथ कहानी में ढूंढती ।
ऐसे वो हकीकत में होते हुए भी रह नहीं पाती थी ।सच जानते हुए भी उसे अपना नहीं पाती थी। दुनियां के लोग तो उसे बकवास और बेकार एहसास दिलाते ही थे
लेकिन अफ़सोस की बात है की उसके खुद के परिवार के लोग ही उसे हर पल तोड़ते थे
जबकि उसकी हर एक जरूरत पूरी करते थे ।
सिर्फ़ उसे प्यार और अपनापन नहीं दे पाए समझ न सके ।
जो की उसके दिल में एक खालीपन ला चुका था जिसे वो अपने चाहत की दुनियां से पूरी करने की कोशिश करती थी।
हक़ीक़त में जो महज़ एक छल था
उसकी एक ऐसी सोच जिससे अपने आप को खुशी देने की कोशिश करती।
ऐसे ही चल रहा था दिन भी कट रहा था।
तभी उसे एहसास होता है की जब भी उसे लगता है सामनेवाला थोड़ा सा भी उसे महत्त्वता दे रहा है
वो उसे अपना सब कुछ मान लेती थी ।
और एक बार जो वो किसी को अपना मान लेती चाहत करती थी उससे हमेशा ही अच्छे रिश्ते रखे लेकिन उसमे जितनी खामियां थी न उससे ज्यादा बेकार उसकी किस्मत ।
जिसे भी अपना समझ बैठती वोही सबसे ज्यादा उसे दुःख,तकलीफ और दर्द देता ।
उसके बावजूद आखिर तक कोशिश करती की साथ बना रहे लेकिन हो नहीं पाता था।
ऐसे में वो दिन पर दिन चिड़चिड़ी होती गई,
उसके मन में खालीपन बढ़ते गया।
अब बस यही चाहती की काश कोई ऐसा होता
जो उसे वो जैसी है वैसे अपनाता, प्यार करता ,इज़्ज़त देता उसकी परवाह करता।
जैसे वो लोगों को मानती है वैसे कोई उसके साथ पेश आता चाहे वो कोई भी हो।
दिल के रिश्तों पर यकीं था उसे और ये समझ भी की क्या सही और गलत है ।
फिर भी गलतियां करती और बार बार एक ही गलती दोहराती थी और उसे गलतियों से सीखने में समय लगता लेकिन सिख जाती थी।
इस बीच में उसकी दोस्ती कई लड़कियों से हुई सबको को अपना बेहद खास दोस्त मान लेती थी।
जैसा वो कहते वैसा करती ,अपना समय देती उनके लिए कुछ भी करती और ये उम्मीद करती की वो भी उसे अपना दोस्त माने और अच्छा एहसास दे।
लेकिन उसका उल्टा ही होता था और आखिर में सब अपना मतलब निकाल
उसे मतलबी कह,जलील कर गलत साबित करते और वो ऑर टूट जाती रोती रहती ।
सोचती की हर बार उसके साथ ही ऐसा क्यों होता है।
जो भी चाहती है उससे छूट जाता है ।
उसे लिखने की आदत थी तो जो भी वो महसूस करती या होता लिखा करती थी ।
कोई उसे समझता नहीं था तो वो सब कुछ पन्नों पर ही उतारा करती थी ।
जैसे तैसे सब चल ही रहा था की जब वो स्कूल से कॉलेज की छात्रा बनी उसके लाइफ में बहुत उतार चढ़ाव आने शुरू हो गए... जब वो 18 वर्ष की हुई उसकी मुलाकात एक लड़के से हुई जो की उसका रिश्तेदार ही था ।
उसके ही गांव का लड़का जो काफ़ी सुलझा हुआ और अच्छे सोच रखनेवाले मिजाज का लड़का उसे लगा ।
नवरात्र के दिन चल रहे थे पूजा का माहौल था ऐसे में वो अपने गांव गई जहा उसकी मुलाकात उस लड़के से फिर हुई ।
उस दौरान उनकी बातें थोड़ी बहुत बढ़ गई और वो एक रिश्तेदार से दोस्त बन चुका गया।
ऐसे उसका आना जाना उसके घर होता रहता था ।
इसी बीच उसे पता चलता है की उसके चाचा की बड़ी लड़की जो की उम्र में उससे छोटी थी
वो उस लड़के को पसंद करती है।
उसे प्यार हो गया है उससे और वो बात करना चाहती है ।
ये सुनते ही वो ये सोचने लगी की ऐसा क्या करे की उसकी बहन को उसका प्यार मिल जाए
क्युकी वो उसे बहुत मानती थी
कहे तो जान से बढ़कर और अपने परिवार से ज्यादा, सबसे ज्यादा वो किसी से प्यार करती थी तो वो वोही थी।
उसकी खुशी के लिए वो उस लड़के से बात करने का फैसला लेती है।
और पूजा बाद ही जब उसे मौका मिला वो इस बारे में बात की लेकिन
वो लड़का सीधे मना कर देता है क्यूंकि बात गांव और रिश्तेदारी की थी जो की वो बिगाड़ना नहीं चाहता था।
लेकिन उसे तो अपनी बहन के खुशी के आगे कुछ दिख ही नहीं रहा था
इसलिए वो उसे कैसे भी राजी करना चाहती थी।
इसलिए इस बारे में कई दिनों तक उन दोनों के बीच बात हुई ।
आखिर में वो कहती है अगर सच में ना है तो ठीक वो अपनी बहन को समझा देगी ।
लेकिन गांव समाज के डर से अगर ऐसा कह रहे है तो अपने फैसले पर सोचे ।
साथ ही अपनी बहन का फोन नंबर दे देती है
कहती है बात करना हो तो कर लेना ।
बाकी वो खुद समझाती है की प्यार ,मोहब्बत ,रिश्ते ये सब जिमेदारी है कोई बेवजह वक्त गुजारना नहीं इसलिए जो भी फैसला होगा उसमे वो साथ देगी।

© The Unique Girl✨