...

92 Reads

फिर फूल खिलेंगे फिर चांदनी रात होगी
पतझड़ बीतेगा कल फिर बरसात होगी

सुनाई देंगी किलकारियां पंछी फिर गाएंगे
मुरझाए हुए ये चेहरे फिर से मुस्कुराएंगे

टूटेगी ये बेड़िया हम फिर आजाद होंगे
अपने पराए फिर एक दूसरे के पास होंगे

प्रार्थना और धैर्य अपना रंग दिखलायेंगी
चचा अजान करेंगे माँ भी मंदिर जायेगी

अमावस है आज और अंधेरी रात होगी
पतझड़ बीतेगा कल फिर बरसात होगी
#lockdown #Poetry #inspire #Shayari
#kavitavani #hindikavita