...

4 views

जरा सोचने की बात है.....
जरा सोचने की बात है,
आज आजाद देश मे भी
हिंदू , दूसरे धर्मो का गुलाम है।
क्या मतलब हमारे समाज सेवियों
के लड़ने का जब आज हिंदू ही
विपक्ष धर्म का होने को तैयार है,
ये भी जरा सोचने की बात है।

एक विपक्षी आज हिंदू होने को तैयार नही,
और आज सारे हिन्दू दूसरे धर्म के होने को तैयार है।
एकता का साथ लिए हिंदू ने भारत का निर्माण
किया पर आज हिंदुओं पे राज वामपंथी विचार
धारा के लोग कर रहे , ये भी जरा सोचने की बात है।

असली भारत के अर्थ का अनर्थ बन गया,
और आज हिन्दू मुंह पे ताला लगाए बैठा है
ये भी जरा सोचने की बात है.......

shallu 🤗🤗🤗