सीखना है मुझे ...
सीखना है मुझे
कितनी चीजे तो है अभी भी मुझे सीखने को ,
कब मैं दिल खोल के हँसा था याद नही
दिल खोल के हँसना सीखना है मुझे ,
दर्द , डर पे आँसू मैंने रोक लिया था
अब जी भर...
कितनी चीजे तो है अभी भी मुझे सीखने को ,
कब मैं दिल खोल के हँसा था याद नही
दिल खोल के हँसना सीखना है मुझे ,
दर्द , डर पे आँसू मैंने रोक लिया था
अब जी भर...