...

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भेद
स्पर्श से सरकती मत्सयांगिनियाँ
या तृष्णि सरिता में युगल माही है
सतहें सम्पीड़न पर चरम है
या घर्षण कोणों पर कराही है
लक्ष्य अनंत है अंत: करन तक
यद्यपि किंचित भेद भी मनाही है
© Ninad