...

4 views

दुनिया के खेल बाजार में बेहतर खेल रचा है
#ग़ज़ल

सब अपने अपने हिसाब से देखते दुनिया को,
कोई रंगीन बताता है कोई भ्रम कह जाता है।

दुनिया के खेल बाजार में बेहतर खेल रचा है,
बोले तो मीट्टी बीके न बोले सोना रह जाता है।

किसी को तरका किसी को तख़्त मिल जाता है,
किसी का ख्वाब जिंदगी भर मजदूरी में बह जाता है।

कोई मसगुल बुत में कोई शैदा में हो जाता है ,
कोई देख कायनात को बस तंग रह जाता है।

सब दुनिया के पीछे चलें कोई जुदा रह जाता है,
कोई भटक जाए ऐसे रास्ते जहाँ कोई न जाता है।

कोई समय की जदों से बस जियाँ हो जाता है,
कोई दिल मजबूत करके हर जद सह जाता है।

पवन कुमार सैनी
© 👍पवन के अल्फाज़ 👍