...

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बिन तुम्हारे हमारा कोई नहीं
बिन तुम्हारे हमारा कोई नहीं,
गिरे हम तो सहारा कोई नहीं,

गिर गए हैं तो यारों गम कैसा,
फिर उठेंगे दोबारा कोई नहीं,

जब से देखा वो चांद सा चेहरा,
इन आंखों ने निहारा कोई नहीं,

वो एकदम फर्स्ट क्लास है यारों ,
और हमसे खटारा कोई नहीं,

सब के हिस्से में आफताब हैं और,
मेरे हिस्से सितारा कोई नहीं,

तेरे बगैर भी किसी तरह ,
कर ही लेंगे गुजारा कोई नहीं

रब ने भेजे हैं यार सबके लिए,
मेरी खातिर उतारा कोई नहीं,

चलो "अवतार" यां से कूच करो,
इस जहां में तुम्हारा कोई नहीं,

© राम अवतार "राम"