मेरे अजीज दोस्त
ना जाने क्या चल रहा है भीतर आज
तबियत भी ठीक है पर मज़े वाली बात नहीं
ना जाने कब फ़ुरसत मिलेगी मेरे यारों को
कहने को तो साथी...
तबियत भी ठीक है पर मज़े वाली बात नहीं
ना जाने कब फ़ुरसत मिलेगी मेरे यारों को
कहने को तो साथी...