...

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आखरी पैगाम
अरसा हुआ अब तो
बरसों बीत गए अब तो
रूक्षत हुआ तु मुस्कुराते हुए
बिखर के जो जुड़ा था फिर बिखरा हुआ हूं

मुस्किल है तुझे ज़ेहेन से जुदा करना
मुस्किल है बड़ा तेरे यादों का कारवां लेके चलना
जिस्म भी वही है मैं भी वहीं हूं
ना है रूह वही ना है मैं सही

अश्क भी अब तो रो देते हैं वक्त बेवक्त
ले तेरा नाम
दिल भी सहमा पड़ा है पुकार के तेरा नाम
दे खुदको तसली रातों को है सो जाता
थकती नहीं आंखें मेरी राह तकते तेरी

जुल्म की इंतिहा हो गई अब तो
खा तरस अब मुझ पे है वास्ता हमारे भूले बिसरे इश्क का
बक्स दे सुकून तू अब मुझे या
पहना दे बर्फ सा कफन मुझे

आजाद कर खुद के कैद से मुझे
या ले गिरफ्त में तुझमें
कभी अगर हो सामना मेरा कभी अगर हो हम रूबरू
देना मुझे चंद लम्हे तेरे

रख सर तेरे कंधे पे है रोना मुझे जी भर के
लेना रूखसती मुझे इस जहान से
रख सर गोद्द में तेरे।।
© vexinkheart