तू आंखों की
तू आंखों की
हीरा नायाब है
खूबसूरत मुस्कुराहट
क्या ख्वाब है
जाति नहीं
तू वह याद है
प्रिय दर्शनी
तेरी अभाव है
सीधी नहीं
पथ घुमाव है
बेचैनी
तेरी दिल की घाव है
खनकती पायल
आंखों की सुरमा नायाब है
ओ मचलती अंगड़ाई
तेरी आरजू की अभाव...
हीरा नायाब है
खूबसूरत मुस्कुराहट
क्या ख्वाब है
जाति नहीं
तू वह याद है
प्रिय दर्शनी
तेरी अभाव है
सीधी नहीं
पथ घुमाव है
बेचैनी
तेरी दिल की घाव है
खनकती पायल
आंखों की सुरमा नायाब है
ओ मचलती अंगड़ाई
तेरी आरजू की अभाव...