...

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उपेक्षा
सप्ताह और महीने
गुज़र जाते है .
मगर तुम कभी मुझे.
न याद करते हो न कभी खत लिखते हो और न ही कभी यहां आकर.
मिलने की कोशिश करते.हो

कई बाऱ लगता है तुम्हारी चुप्पी से आभास होने लगा है कि तुम
मुझसे खफा हो या फिर तुम
. मुझे भूलने की कोशिश कर रहे
हो