महबूब आँखों से दूर हो!
"महबूब आँखों से दूर हो
तो सुकून भला किसे नसीब हो!
दिल तकलीफ़ से दो चार हो
तो पलकें भी...
तो सुकून भला किसे नसीब हो!
दिल तकलीफ़ से दो चार हो
तो पलकें भी...