मुझे जाना है!!
मुझे जाना है,
अब ना कोई बहाना हैं,
देख लूं अनजानी मंजिले
नये मौसम की महफिले,
सहरा से दूर,
पर्वतों की ओर,
धूप छाँव से रिश्ता पुराना है
संग साए को...
अब ना कोई बहाना हैं,
देख लूं अनजानी मंजिले
नये मौसम की महफिले,
सहरा से दूर,
पर्वतों की ओर,
धूप छाँव से रिश्ता पुराना है
संग साए को...