चांद बन शबनबी आंखें
चांद बन शबनबी आंखें
आंखों में चमकती है
खुशबू प्यार कि उसकी
पूरी घर महकती है
देखता हूं उसकी झील सी आंखें
बूंद बूंद ओस सी भरती है
उतर कर आवाजें घुंघरू की
कानों में खनकती हैं
आहट झूम कर
गीत रुनझुन गाति है
मोती सीप निकखर कर...
आंखों में चमकती है
खुशबू प्यार कि उसकी
पूरी घर महकती है
देखता हूं उसकी झील सी आंखें
बूंद बूंद ओस सी भरती है
उतर कर आवाजें घुंघरू की
कानों में खनकती हैं
आहट झूम कर
गीत रुनझुन गाति है
मोती सीप निकखर कर...