...

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बाती के दीपक
रूठा है जमाना तुमसे
या तुम जमाने से रूठे हो
रहते हो खामोश हरपल
पर इन दो नयनों से सब कहते हो
आहिस्ता आहिस्ता तुम सबर जाओगे खुदको दिलासा देते हो
बाती के दीपक हो तुम
फिर क्यों अँधेरे में रहते हो।#writcoPoemPrompt110
As the evening comes to a close,
You were thinking about what you want to do with the rest of your life,
The clock chimed and something unusual took place... #Love&love #love#soul#soulmate #lifestyle #relationships #deepak#lamp❤️❤️✍️