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प्यार की सीमा न कोई ....
प्यार की कोई सीमा नहीं है,
यह अनंत आकाश की तरह है
जिसका कोई ओर- छोर नहीं है।

यह बहता पवन की तरह है
जिसे किसी भी तरह के बंधन में
कभी नहीं बांधा जा सकता है।

यह निर्मल जल की तरह है
जो स्वयं में समाहित करके
सबके अस्तित्व को हमेशा
के लिए ही स्वच्छ बना देती है।

यह धधकती अग्नि की तरह है
जो प्राणियों के अंत:करण में
छिपी हुयी समस्त बुराईयों का
नाश कर अच्छाई का प्रदीप्त
प्रकाश प्रज्वलित करती है।

यह दोमट मिट्टी की तरह है
जो किसी भी रिश्तों में आयी
छोटी - सी दरार को भी
विश्वास के साथ भर देती है।
प्यार की कोई सीमा नहीं है।

— Arti Kumari Athghara (Moon) ✍✍
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