ग़ज़ल...
संभाल लो मुझको कि मर जाऊंगा तेरे बिन
कांच की तरह टूटके बिखर जाऊंगा तेरे बिन
मेरा कोई नहीं इस जमाने में एक तेरे सिवा
अपने दिल को लेके किधर जाऊंगा तेरे बिन
तेरे...
कांच की तरह टूटके बिखर जाऊंगा तेरे बिन
मेरा कोई नहीं इस जमाने में एक तेरे सिवा
अपने दिल को लेके किधर जाऊंगा तेरे बिन
तेरे...