...

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YOU & ME
YOU & ME

मैं अकेली सी अल्हड़ सी
राह ताकती किनारों पे
अचानक से तुम आ गए

मैं तसल्ली की चरवाह
उभरती हुई राहों में
अचानक से तुम आ गए

मैं उलझनों की एक क़िताब
लिखती हुई तख्ती पे
अचानक से तुम आ गए

मैं फिसलती हाथों में रेत सी
सागर की ओर भागते हुए
अचानक से तुम आ गए

मैं साथ की भूखी
ज़िंदगी से मौत की तरफ़
अचानक से तुम आ गए
© firkiwali