...

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"राही "
सफर बाकी है अभी थोड़ा और यारा,
बस पलभर की ये खामोशी है,
इंतजार है मुझे भी उस दौर तबाही का,
जो सुनने में अक्सर आता है,
तुझसे ना होगा ये फतेह राही,
बस उसका मसला जारी है,
सफर बाकी है अभी थोड़ा और यारा,
बस पलभर की ये खामोशी है,
मुक्कमल मै ठहरा हुआ,
जिद्द सर ये पकड़ी है,
मै नही तो कौन राही,
बस ये हौसला जारी है,
सफर बाकी है अभी थोड़ा और यारा,
बस पलभर की ये खामोशी है...!!
#unbelievable_poetess♛┈•༶
#never_give_up 👊
#writco
© Deepika Agrawal_creative