!...ख़ामोश...!
और कुछ भी अगर हार जाऊ तो खामोश रहना
दिल ओ खिरद से जो भूल जाऊ तो खामोश रहना
ये जो मेरे मसगले मेरी परेशानी है
दूर अगर हो जाऊ तो खामोश रहना
रात भर की बात है फिर तो सुबह होनी है
ये जो वक़्त है गुज़र जाए तो खामोश...
दिल ओ खिरद से जो भूल जाऊ तो खामोश रहना
ये जो मेरे मसगले मेरी परेशानी है
दूर अगर हो जाऊ तो खामोश रहना
रात भर की बात है फिर तो सुबह होनी है
ये जो वक़्त है गुज़र जाए तो खामोश...