...

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ढोंग
चोल संस्कारो का
ओढ़ पहन कर
ठगने हज़ारो
आडम्बर निकले
घर ही में निकले
मेरे मदारी,
शेष ढोंग
सीखे हुए
बन्दर निकले
मंदिर बने है मेरे बस
मेरी ढोक लेने
कृपण खड़े है
हक़ मांगते
खंडहर निकले
© Ninad