छोड़ हठ चल
छोड़ हठ चल
सपनों की तैयारी कर
मंजिल पाने को
पागलपन की दूसवारी कर
होगे सफल
मन को न भारी कर
हिम्मत से आगे
कदम कदम जारी कर
मिलेगी मुकाम
साहस तु पुजारी कर
तन मन धन से
कौशल से कलाकारी कर
शिखर पर होगे
तन्मय अनाड़ी कर...
सपनों की तैयारी कर
मंजिल पाने को
पागलपन की दूसवारी कर
होगे सफल
मन को न भारी कर
हिम्मत से आगे
कदम कदम जारी कर
मिलेगी मुकाम
साहस तु पुजारी कर
तन मन धन से
कौशल से कलाकारी कर
शिखर पर होगे
तन्मय अनाड़ी कर...